Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.192.23: 'ब्रह्मन्! पांचालराज द्रुपद ने अपनी इच्छा से यह कन्या नहीं दी थी, उन्होंने धर्मानुसार लक्ष्यभेदन की शर्त पर ही अपनी कन्या देने का निश्चय किया था। उस वीर पुरुष ने उसी शर्त को पूरा करके यह कन्या प्राप्त की है॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'ब्रह्मन्! पांचालराज द्रुपद ने अपनी इच्छा से यह कन्या नहीं दी थी, उन्होंने धर्मानुसार लक्ष्यभेदन की शर्त पर ही अपनी कन्या देने का निश्चय किया था। उस वीर पुरुष ने उसी शर्त को पूरा करके यह कन्या प्राप्त की है॥ 23॥
‘Brahman! Panchalraj Drupada did not give this daughter of his own free will, he had decided to give his daughter on the condition of hitting the target as per his Dharma. That brave man has obtained this daughter by fulfilling that condition.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥