Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.192.10: राजा! भोजन करके वे सब सोने चले गए। कृष्ण उनके पैरों के पास सो गए। उनका बिस्तर ज़मीन पर बिछा था। नीचे कुशा की चटाई और ऊपर मृगचर्म बिछा हुआ था। | mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुप्तास्तु ते पार्थिव सर्व एव
कृष्णा च तेषां चरणोपधाने।
आसीत् पृथिव्यां शयनं च तेषां
दर्भाजिनाग्रास्तरणोपपन्नम्॥ १०॥
अनुवाद
राजा! भोजन करके वे सब सोने चले गए। कृष्ण उनके पैरों के पास सो गए। उनका बिस्तर ज़मीन पर बिछा था। नीचे कुशा की चटाई और ऊपर मृगचर्म बिछा हुआ था।
King! After eating, they all went to sleep. Krishna slept near their feet. Their bed was laid on the ground. There were kusha mats below and deerskin was spread on top.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥