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mahabharat 1.189.25: वे एक-दूसरे को घूँसों और घुटनों से मारने लगे। दोनों एक-दूसरे को दूर धकेलते, नीचे गिराने का प्रयत्न करते, कभी अपनी ओर खींचते और कभी बगल से लात मारकर गिराने का प्रयत्न करते॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 1.189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  1.189.25 
मुष्टिभिर्जानुभिश्चैव निघ्नन्तावितरेतरम्।
प्रकर्षणाकर्षणयोरभ्याकर्षविकर्षणै:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वे एक-दूसरे को घूँसों और घुटनों से मारने लगे। दोनों एक-दूसरे को दूर धकेलते, नीचे गिराने का प्रयत्न करते, कभी अपनी ओर खींचते और कभी बगल से लात मारकर गिराने का प्रयत्न करते॥ 25॥
 
They started hitting each other with their fists and knees. Both would push each other far away, try to throw them down, sometimes pulling them towards themselves and sometimes trying to make them fall by kicking them from the sides.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)