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mahabharat 1.189.17: विप्रशिरोमणे! क्या आप धनुर्वेद की मूर्ति हैं? या परशुराम? या आप स्वयं इन्द्र हैं या साक्षात् भगवान विष्णु हैं, जिनका तेज कभी क्षीण नहीं होता? 17॥   |   mahabharat अध्याय 1.189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.189.17 
किं त्वं साक्षाद् धनुर्वेदो रामो वा विप्रसत्तम।
अथ साक्षाद्धरिहय: साक्षाद् वा विष्णुरच्युत:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
विप्रशिरोमणे! क्या आप धनुर्वेद की मूर्ति हैं? या परशुराम? या आप स्वयं इन्द्र हैं या साक्षात् भगवान विष्णु हैं, जिनका तेज कभी क्षीण नहीं होता? 17॥
 
Viprashiromane! Are you an idol Dhanurveda? Or Parshuram? Or are you Indra himself or Lord Vishnu in person who never fades away from his glory? 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)