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mahabharat 1.189.1: वैशम्पायनजी कहते हैं - हे जनमेजय! उस समय उन श्रेष्ठ ब्राह्मणों ने अपने मृगचर्म और जलपात्रों को हिलाते और उछालते हुए अर्जुन से कहा - 'डरो मत; हम सब लोग तुम्हारे पक्ष में शत्रुओं से युद्ध करेंगे।'   |   mahabharat अध्याय 1.189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 189: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कर्ण तथा शल्यकी पराजय और द्रौपदीसहित भीम-अर्जुनका अपने डेरेपर जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  1.189.1 
वैशम्पायन उवाच
अजिनानि विधुन्वन्त: करकांश्च द्विजर्षभा:।
ऊचुस्ते भीर्न कर्तव्या वयं योत्स्यामहे परान्॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं - हे जनमेजय! उस समय उन श्रेष्ठ ब्राह्मणों ने अपने मृगचर्म और जलपात्रों को हिलाते और उछालते हुए अर्जुन से कहा - 'डरो मत; हम सब लोग तुम्हारे पक्ष में शत्रुओं से युद्ध करेंगे।'
 
Vaishmpayana says: Janamejaya, at that time, waving and tossing their deerskin and water pots, those great Brahmins said to Arjuna, 'Do not be afraid; we (all) will fight the enemies (on your behalf).'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)