श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 186: राजाओंका लक्ष्यवेधके लिये उद्योग और असफल होना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.186.6 
अथाययुर्देवगणा विमानै
रुद्रादित्या वसवोऽथाश्विनौ च।
साध्याश्च सर्वे मरुतस्तथैव
यमं पुरस्कृत्य धनेश्वरं च॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उसी समय रुद्र, आदित्य, वसु, अश्विनीकुमार, समस्त साध्यगण और मरुद्गण अपने-अपने विमानों पर बैठकर यमराज और कुबेर को आगे करके वहाँ आये॥6॥
 
At the same time, Rudra, Aditya, Vasu, Ashwini Kumar, all the Sadhyagans and Marudgans came there sitting on their respective planes, leading Yamraj and Kuber. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)