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mahabharat 1.181.24: बहुत समय बीतने पर जब राजा शाप से मुक्त हो गया, तब वह अपनी रजस्वला पत्नी के पास गया। परन्तु उसकी रानी मदयन्ती ने उसे (शाप का स्मरण कराकर) रोक दिया॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 1.181: राजा कल्माषपादको ब्राह्मणी आंगिरसीका शाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 181: राजा कल्माषपादको ब्राह्मणी आंगिरसीका शाप  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.181.24 
मुक्तशापश्च राजर्षि: कालेन महता तत:।
ऋतुकालेऽभिपतितो मदयन्त्या निवारित:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
बहुत समय बीतने पर जब राजा शाप से मुक्त हो गया, तब वह अपनी रजस्वला पत्नी के पास गया। परन्तु उसकी रानी मदयन्ती ने उसे (शाप का स्मरण कराकर) रोक दिया॥ 24॥
 
After a long period of time when the king was freed from the curse, he went to his wife during her period. But his queen Madayanti stopped him (by reminding him of the curse).॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)