Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.180.7: उस समय वशिष्ठ आदि सभी ऋषिगण तथा तेजस्वी महर्षि पराशर द्वितीय सूर्य के समान प्रकट हुए॥7॥   |   mahabharat अध्याय 1.180: पुलस्त्य आदि महर्षियोंके समझानेसे पराशरजीके द्वारा राक्षससत्रकी समाप्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 180: पुलस्त्य आदि महर्षियोंके समझानेसे पराशरजीके द्वारा राक्षससत्रकी समाप्ति  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.180.7 
तं वसिष्ठादय: सर्वे मुनयस्तत्र मेनिरे।
तेजसा दीप्यमानं वै द्वितीयमिव भास्करम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उस समय वशिष्ठ आदि सभी ऋषिगण तथा तेजस्वी महर्षि पराशर द्वितीय सूर्य के समान प्रकट हुए॥7॥
 
At that time, all the sages like Vashishtha and the brightly shining Maharishi Parashar appeared like the second sun. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)