Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.178.16: हे पुत्र! जब हमारी आयु बहुत अधिक हो गई (तब भी मृत्यु नहीं आई थी) तब उस अवस्था में हम बहुत दुःखी हुए और हमने (जानकर) क्षत्रियों के द्वारा अपने को मरवाने की इच्छा की॥ 16॥ | mahabharat अध्याय 1.178: पितरोंद्वारा और्वके क्रोधका निवारण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पुत्र! जब हमारी आयु बहुत अधिक हो गई (तब भी मृत्यु नहीं आई थी) तब उस अवस्था में हम बहुत दुःखी हुए और हमने (जानकर) क्षत्रियों के द्वारा अपने को मरवाने की इच्छा की॥ 16॥
O son, when our age had become very old (and even then death had not come), we felt (very) sad in that condition and we (knowingly) desired to get ourselves killed by the Kshatriyas.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥