Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.176.27: जिस प्रकार त्यौहार के समय सूर्य राहु से पीड़ित रहता है, उसी प्रकार राजा कल्माषपाद बारह वर्षों तक वसिष्ठ पुत्र शक्ति के प्रभाव (शाप के प्रभाव) से पीड़ित रहे। | mahabharat अध्याय 1.176: कल्माषपादका शापसे उद्धार और वसिष्ठजीके द्वारा उन्हें अश्मक नामक पुत्रकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि द्वादश वर्षाणि वासिष्ठस्यैव तेजसा।
ग्रस्त आसीद् ग्रहेणेव पर्वकाले दिवाकर:॥ २७॥
अनुवाद
जिस प्रकार त्यौहार के समय सूर्य राहु से पीड़ित रहता है, उसी प्रकार राजा कल्माषपाद बारह वर्षों तक वसिष्ठ पुत्र शक्ति के प्रभाव (शाप के प्रभाव) से पीड़ित रहे।
Just as the Sun is afflicted by Rahu during the festival season, similarly King Kalmashpada was afflicted by the power (effect of the curse) of Vasishtha's son Shakti for twelve years.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥