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mahabharat 1.175.41: शक्ति को मारा हुआ देखकर विश्वामित्र ने राक्षस को बार-बार वसिष्ठ के पुत्रों पर आक्रमण करने के लिए प्रोत्साहित किया ॥ 41॥   |   mahabharat अध्याय 1.175: शक्तिके शापसे कल्माषपादका राक्षस होना, विश्वामित्रकी प्रेरणासे राक्षसद्वारा वसिष्ठके पुत्रोंका भक्षण और वसिष्ठका शोक   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 175: शक्तिके शापसे कल्माषपादका राक्षस होना, विश्वामित्रकी प्रेरणासे राक्षसद्वारा वसिष्ठके पुत्रोंका भक्षण और वसिष्ठका शोक  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  1.175.41 
शक्तिनं तु मृतं दृष्ट्वा विश्वामित्र: पुन: पुन:।
वसिष्ठस्यैव पुत्रेषु तद् रक्ष: संदिदेश ह॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
शक्ति को मारा हुआ देखकर विश्वामित्र ने राक्षस को बार-बार वसिष्ठ के पुत्रों पर आक्रमण करने के लिए प्रोत्साहित किया ॥ 41॥
 
Seeing Shakti killed, Visvamitra repeatedly encouraged the demon to attack Vasishtha's sons. ॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)