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श्लोक 1.175.15  |
ततो याज्यनिमित्ते तु विश्वामित्रवसिष्ठयो:।
वैरमासीत् तदा तं तु विश्वामित्रोऽन्वपद्यत॥ १५॥ |
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| अनुवाद |
| उन दिनों विश्वामित्र और वशिष्ठ में यजमान के लिए वैमनस्य चल रहा था। उस समय विश्वामित्र राजा कल्माषपाद के पास आये। |
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| In those days there was enmity between Vishwamitra and Vasishtha for the host. At that time Vishwamitra came to King Kalmashpad. |
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