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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 174: वसिष्ठजीके अद्भुत क्षमा-बलके आगे विश्वामित्रजीका पराभव
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श्लोक 33
श्लोक
1.174.33
क्रोधरक्तेक्षणा सा गौर्हम्भारवघनस्वना।
विश्वामित्रस्य तत् सैन्यं व्यद्रावयत सर्वश:॥ ३३॥
अनुवाद
उसकी आँखें क्रोध से लाल हो गईं। उसकी दहाड़ तेज़ होती गई। वह विश्वामित्र की सेना को चारों दिशाओं में खदेड़ने लगा।
His eyes had turned red with anger. His roaring became louder and louder. He began to chase Vishwamitra's army in all directions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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