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mahabharat 1.173.12: पाण्डव श्रेष्ठ हैं! जैसे बृहस्पति जी सब देवताओं के यज्ञ का संचालन करते हैं, उसी प्रकार ब्रह्मर्षि वशिष्ठ ने उन सब श्रेष्ठ राजाओं के यज्ञ का संचालन किया॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.173: गन्धर्वका वसिष्ठजीकी महत्ता बताते हुए किसी श्रेष्ठ ब्राह्मणको पुरोहित बनानेके लिये आग्रह करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 173: गन्धर्वका वसिष्ठजीकी महत्ता बताते हुए किसी श्रेष्ठ ब्राह्मणको पुरोहित बनानेके लिये आग्रह करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.173.12 
स हि तान् याजयामास सर्वान् नृपतिसत्तमान्।
ब्रह्मर्षि: पाण्डवश्रेष्ठ बृहस्पतिरिवामरान्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव श्रेष्ठ हैं! जैसे बृहस्पति जी सब देवताओं के यज्ञ का संचालन करते हैं, उसी प्रकार ब्रह्मर्षि वशिष्ठ ने उन सब श्रेष्ठ राजाओं के यज्ञ का संचालन किया॥12॥
 
Panda is the best! Just as Brihaspati ji conducts the yagya of all the gods, in the same way Brahmarshi Vashishtha conducted the yagya of all those great kings. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)