Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.172.47: तब से शुद्ध हृदय वाले महाप्रतापी राजा संवरण के द्वारा पालित समस्त प्रजा सुखी रहने लगी। उस राज्य और नगर में महान् आनन्द छा गया ॥47॥ | mahabharat अध्याय 1.172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब से शुद्ध हृदय वाले महाप्रतापी राजा संवरण के द्वारा पालित समस्त प्रजा सुखी रहने लगी। उस राज्य और नगर में महान् आनन्द छा गया ॥47॥
From then on, all the people brought up by the great king Samvarana, who had a pure heart, remained happy. There was great joy in that kingdom and city. ॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥