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mahabharat 1.172.24: वसिष्ठजी के ऐसा कहने पर भगवान सूर्य ने अपनी कन्या देने का निश्चय करके ब्रह्मर्षिक को नमस्कार करके इस प्रकार कहा -॥24॥   |   mahabharat अध्याय 1.172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.172.24 
इत्युक्त: स तदा तेन ददानीत्येव निश्चित:।
प्रत्यभाषत तं विप्रं प्रतिनन्द्य दिवाकर:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वसिष्ठजी के ऐसा कहने पर भगवान सूर्य ने अपनी कन्या देने का निश्चय करके ब्रह्मर्षिक को नमस्कार करके इस प्रकार कहा -॥24॥
 
After Vasisthaji said this, Lord Surya, having decided to give his daughter, greeted Brahmarshika and said thus -॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)