Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.172.21: उनके ऐसा कहने पर महातपस्वी ऋषि वसिष्ठ मरीचि-माली ने भगवान भास्कर को प्रणाम किया और इस प्रकार बोले ॥21॥   |   mahabharat अध्याय 1.172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.172.21 
एवमुक्त: स तेनर्षिर्वसिष्ठ: प्रत्यभाषत।
प्रणिपत्य विवस्वन्तं भानुमन्तं महातपा:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर महातपस्वी ऋषि वसिष्ठ मरीचि-माली ने भगवान भास्कर को प्रणाम किया और इस प्रकार बोले ॥21॥
 
On his saying this, the great ascetic sage Vasishtha Marichi-Mali bowed to Lord Bhaskar and spoke as follows. ॥21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)