Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.172.16: इस प्रकार मन और इन्द्रियों को वश में रखकर तपस्या में लगे हुए पुण्यात्मा वशिष्ठ ऋषि ने राजा से अपने कार्य की सिद्धि के लिए बात की ॥16॥ | mahabharat अध्याय 1.172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा तु नियतात्मानं तं नृपं मुनिसत्तम:।
आबभाषे स धर्मात्मा तस्यैवार्थचिकीर्षया॥ १६॥
अनुवाद
इस प्रकार मन और इन्द्रियों को वश में रखकर तपस्या में लगे हुए पुण्यात्मा वशिष्ठ ऋषि ने राजा से अपने कार्य की सिद्धि के लिए बात की ॥16॥
Thus, keeping his mind and senses under control, the virtuous sage Vashishtha, who was engaged in penance, talked to the king for the accomplishment of his task. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥