Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.172.14: वे दिन-रात एक ही स्थान पर खड़े होकर ध्यान में लगे रहते थे। तब बारहवें दिन महर्षि वसिष्ठ वहाँ आ पहुँचे॥14॥   |   mahabharat अध्याय 1.172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.172.14 
नक्तं दिनमथैकत्र स्थिते तस्मिञ्जनाधिपे।
अथाजगाम विप्रर्षिस्तदा द्वादशमेऽहनि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वे दिन-रात एक ही स्थान पर खड़े होकर ध्यान में लगे रहते थे। तब बारहवें दिन महर्षि वसिष्ठ वहाँ आ पहुँचे॥14॥
 
He remained engaged in meditation standing at one place day and night. Then on the twelfth day Maharishi Vasishtha arrived there.॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)