Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.172.11: राजा की आज्ञा पाकर वह विशाल सेना तुरन्त राजधानी की ओर चल पड़ी; किन्तु राजा संवरण पुनः उसी पर्वत की चोटी पर जाकर बैठ गया। | mahabharat अध्याय 1.172: वसिष्ठजीकी सहायतासे राजा संवरणको तपतीकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततस्तस्याज्ञया राज्ञो विप्रतस्थे महद् बलम्।
स तु राजा गिरिप्रस्थे तस्मिन् पुनरुपाविशत्॥ ११॥
अनुवाद
राजा की आज्ञा पाकर वह विशाल सेना तुरन्त राजधानी की ओर चल पड़ी; किन्तु राजा संवरण पुनः उसी पर्वत की चोटी पर जाकर बैठ गया।
At the command of the King, that huge army immediately proceeded towards the capital; but King Samvaran again went and sat on the peak of the same mountain.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥