इसलिए हे कौरवों के वंश को बढ़ाने वाले अर्जुन! तुम यह जान लो कि जिस राज्य में विद्वान ब्राह्मणों की प्रधानता हो, वही राज्य दीर्घकाल तक सुरक्षित रह सकता है ॥ 80॥
Therefore, O Arjuna, who increases the lineage of the Kauravas, you should know that only that kingdom can be protected for a long time where there is a predominance of learned Brahmins. ॥ 80॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि चैत्ररथपर्वणि गन्धर्वपराभवे एकोनसप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १६९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत चैत्ररथपर्वमें गन्धर्वपराभवविषयक एक सौ उनहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १६९॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके २ श्लोक मिलाकर कुल ८२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥