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mahabharat 1.165.26: महामते द्रोण! ऐसा ही हो। आपका कल्याण हो। आपकी सलाह के अनुसार हमारी पुरानी मित्रता सदैव बनी रहे।॥26॥   |   mahabharat अध्याय 1.165: द्रोणके द्वारा द्रुपदके अपमानित होनेका वृत्तान्त   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 165: द्रोणके द्वारा द्रुपदके अपमानित होनेका वृत्तान्त  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.165.26 
एवं भवतु भद्रं ते भारद्वाज महामते।
सख्यं तदेव भवतु शश्वद् यदभिमन्यसे॥ २६॥
 
 
अनुवाद
महामते द्रोण! ऐसा ही हो। आपका कल्याण हो। आपकी सलाह के अनुसार हमारी पुरानी मित्रता सदैव बनी रहे।॥26॥
 
'Mahamate Drona! So be it. May you be blessed. As per your advice, may our old friendship remain forever.'॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)