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श्लोक 1.165.11  |
द्रोण उवाच
अस्त्राणि चैव सर्वाणि तेषां संहारमेव च।
प्रयोगं चैव सर्वेषां दातुमर्हति मे भवान्॥ ११॥ |
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| अनुवाद |
| द्रोण बोले - हे प्रभु! आप मुझे सभी अस्त्र-शस्त्र तथा उनके प्रयोग और संहार की विधि भी दीजिए ॥11॥ |
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| Drona said - O Lord! Please give me all the weapons and also the method of using them and concluding them. ॥ 11॥ |
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