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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 163: बकासुरके वधसे राक्षसोंका भयभीत होकर पलायन और नगरनिवासियोंकी प्रसन्नता  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.163.10 
ततो नरा विनिष्क्रान्ता नगरात् कल्यमेव तु।
ददृशुर्निहतं भूमौ राक्षसं रुधिरोक्षितम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
फिर जब सुबह हुई और लोग नगर से बाहर आए तो उन्होंने देखा कि बकासुर खून से लथपथ जमीन पर मृत पड़ा है।
 
Then when the morning dawned and the people came out of the city, they saw Bakasura lying dead on the ground, soaked in blood.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)