Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.162.7: उसका शरीर बहुत विशाल था। वह इतनी तेज़ गति से चल रहा था मानो धरती को चीर देगा। उसकी आँखें क्रोध से लाल हो रही थीं। उसका शरीर बहुत भयानक लग रहा था। उसकी दाढ़ी, मूँछ और टेढ़े-मेढ़े बाल लाल रंग के थे। | mahabharat अध्याय 1.162: भीमसेनका भोजन-सामग्री लेकर बकासुरके पास जाना और स्वयं भोजन करना तथा युद्ध करके उसे मार गिराना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसका शरीर बहुत विशाल था। वह इतनी तेज़ गति से चल रहा था मानो धरती को चीर देगा। उसकी आँखें क्रोध से लाल हो रही थीं। उसका शरीर बहुत भयानक लग रहा था। उसकी दाढ़ी, मूँछ और टेढ़े-मेढ़े बाल लाल रंग के थे।
His body was very big. He walked with such great speed that it seemed as if he would tear apart the earth. His eyes were turning red with anger. His figure looked very terrifying. His beard, moustache and crooked hair were red in colour.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥