vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 161: भीमसेनको राक्षसके पास भेजनेके विषयमें युधिष्ठिर और कुन्तीकी बातचीत
»
श्लोक 3
श्लोक
1.161.3
युधिष्ठिर उवाच
किं चिकीर्षत्ययं कर्म भीमो भीमपराक्रम:।
भवत्यनुमते कच्चित् स्वयं वा कर्तुमिच्छति॥ ३॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने कहा- माता! यह महाबली भीमसेन क्या करना चाहता है? क्या यह आपकी सलाह से या अपनी इच्छा से कुछ करने पर तुला हुआ है?॥3॥
Yudhishthira said— Mother! What does this fierce and valiant Bhimasena want to do? Is he bent on doing something on your advice or on his own?॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×