Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.16.18-19: कहते हैं कि पुत्र ने क्रोध में आकर विनता को शाप दे दिया- 'माता! तुमने लोभ के कारण मुझे अपूर्ण शरीर वाला बनाया - मेरे सभी अंगों को विकसित और बलवान नहीं होने दिया; इसलिए तुम उस सहधर्मिणी के दास बनोगे, जिससे तुम पाँच सौ वर्षों तक झगड़ते हो। | mahabharat अध्याय 1.16: कद्रू और विनताको कश्यपजीके वरदानसे अभीष्ट पुत्रोंकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कहते हैं कि पुत्र ने क्रोध में आकर विनता को शाप दे दिया- 'माता! तुमने लोभ के कारण मुझे अपूर्ण शरीर वाला बनाया - मेरे सभी अंगों को विकसित और बलवान नहीं होने दिया; इसलिए तुम उस सहधर्मिणी के दास बनोगे, जिससे तुम पाँच सौ वर्षों तक झगड़ते हो।
It is said that the son cursed Vinata in a fit of anger - 'Mother! You made me with an incomplete body due to your greed - you did not allow all my limbs to develop and become strong; therefore, you will be the slave of the co-wife with whom you quarrel for five hundred years.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥