Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.157.8: इन दोनों बालकों का पालन-पोषण और सुरक्षा करने में आप समर्थ हैं। मैं आपकी तरह इनका पालन-पोषण और सुरक्षा नहीं कर पाऊँगा ॥8॥ | mahabharat अध्याय 1.157: ब्राह्मणीका स्वयं मरनेके लिये उद्यत होकर पतिसे जीवित रहनेके लिये अनुरोध करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समर्थ: पोषणे चासि सुतयो रक्षणे तथा।
न त्वहं सुतयो: शक्ता तथा रक्षणपोषणे॥ ८॥
अनुवाद
इन दोनों बालकों का पालन-पोषण और सुरक्षा करने में आप समर्थ हैं। मैं आपकी तरह इनका पालन-पोषण और सुरक्षा नहीं कर पाऊँगा ॥8॥
You are capable of providing for the upbringing and protection of both these children. I will not be able to provide for their upbringing and protection like you. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥