Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.157.22: ब्रह्मन्! यदि पुत्रवती स्त्रियाँ अपने पति से पहले मर जाएँ, तो यह उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। धर्मवेत्ता भी ऐसा ही मानते हैं। 22॥   |   mahabharat अध्याय 1.157: ब्राह्मणीका स्वयं मरनेके लिये उद्यत होकर पतिसे जीवित रहनेके लिये अनुरोध करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 157: ब्राह्मणीका स्वयं मरनेके लिये उद्यत होकर पतिसे जीवित रहनेके लिये अनुरोध करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.157.22 
व्युष्टिरेषा परा स्त्रीणां पूर्वं भर्तु: परां गतिम्।
गन्तुं ब्रह्मन् सपुत्राणामिति धर्मविदो विदु:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मन्! यदि पुत्रवती स्त्रियाँ अपने पति से पहले मर जाएँ, तो यह उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। धर्मवेत्ता भी ऐसा ही मानते हैं। 22॥
 
Brahman! If women with daughters die before their husbands, it is a matter of great fortune for them. Religious scholars believe the same. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)