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श्लोक  1.156.26 
यतितं वै मया पूर्वं वेत्थ ब्राह्मणि तत् तथा।
क्षेमं यतस्ततो गन्तुं त्वया तु मम न श्रुतम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मणी, तुम यह अच्छी तरह जानती हो कि पहले मैंने तुम्हारे साथ ऐसे स्थान पर चलने का प्रयत्न किया था, जहाँ हमें हर प्रकार से लाभ हो; किन्तु उस समय तुमने मेरी बात नहीं सुनी।
 
O Brahmin woman, you know it well that earlier I had tried to accompany you to a place where we would be benefited in every way; but at that time you did not listen to me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)