Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.154.14: जो आपत्तिकाल में भी धर्म का पालन करता है, वह पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ है। धर्मपालन में यदि कोई बाधा आती है, तो वह भी पुण्यात्मा पुरुषों के लिए बाधा मानी जाती है।॥14॥ | mahabharat अध्याय 1.154: युधिष्ठिरका भीमसेनको हिडिम्बाके वधसे रोकना, हिडिम्बाकी भीमसेनके लिये प्रार्थना, भीमसेन और हिडिम्बाका मिलन तथा घटोत्कचकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपत्सु यो धारयति धर्मं धर्मविदुत्तम:।
व्यसनं ह्येव धर्मस्य धर्मिणामापदुच्यते॥ १४॥
अनुवाद
जो आपत्तिकाल में भी धर्म का पालन करता है, वह पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ है। धर्मपालन में यदि कोई बाधा आती है, तो वह भी पुण्यात्मा पुरुषों के लिए बाधा मानी जाती है।॥14॥
‘The one who upholds Dharma in times of adversity is the best among the virtuous. The presence of a problem in following Dharma is itself considered a problem for the virtuous men.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥