Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.150.30: जो मनुष्यों में अतुलनीय है और जिसकी प्रभा नीले मेघ के समान है, वह अर्जुन आज पृथ्वी पर प्राकृतिक मनुष्यों के समान सो रहा है; इससे अधिक दुःख की बात और क्या हो सकती है ॥30॥ | mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्यों में अतुलनीय है और जिसकी प्रभा नीले मेघ के समान है, वह अर्जुन आज पृथ्वी पर प्राकृतिक मनुष्यों के समान सो रहा है; इससे अधिक दुःख की बात और क्या हो सकती है ॥30॥
'Arjuna, who has no equal among men, and whose radiance is like that of a blue cloud, is today sleeping on the earth like the natural people; what can be more sad than this? ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥