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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध
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श्लोक 16
श्लोक
1.150.16
तत्र निक्षिप्य तान् सर्वानुवाच भरतर्षभ:।
पानीयं मृगयामीह विश्रमध्वमिति प्रभो॥ १६॥
अनुवाद
राजन! भरतवंश में श्रेष्ठ भीमसेन ने उन सबको वहीं बैठाकर कहा - 'तुम सब लोग यहीं विश्राम करो, तब तक मैं जल की खोज करता हूँ।'॥16॥
King! Bhimasena, the best of the Bharata clan, made them all sit there and said, 'You all may rest here, till then I will search for water.'॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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