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mahabharat 1.150.15: उस समय भीमसेन ने उस विशाल, निर्जन और भयानक वन में प्रवेश किया और वहाँ एक अत्यंत सुंदर, विस्तृत छाया वाला पीपल का वृक्ष देखा॥15॥   |   mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.150.15 
ततो भीमो वनं घोरं प्रविश्य विजनं महत्।
न्यग्रोधं विपुलच्छायं रमणीयं ददर्श ह॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उस समय भीमसेन ने उस विशाल, निर्जन और भयानक वन में प्रवेश किया और वहाँ एक अत्यंत सुंदर, विस्तृत छाया वाला पीपल का वृक्ष देखा॥15॥
 
At that time Bhima entered that large, uninhabited and dreadful forest and saw a very beautiful Pipal tree with a wide shade.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)