Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.150.14: माता के प्रेमपूर्वक कहे हुए उन वचनों को सुनकर भीमसेन का हृदय करुणा से भर गया और वे हृदय में व्याकुल हो गए और (जल लाने के लिए) जाने की तैयारी करने लगे॥14॥ | mahabharat अध्याय 1.150: माता कुन्तीके लिये भीमसेनका जल ले आना, माता और भाइयोंको भूमिपर सोये देखकर भीमका विषाद एवं दुर्योधनके प्रति क्रोध । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
माता के प्रेमपूर्वक कहे हुए उन वचनों को सुनकर भीमसेन का हृदय करुणा से भर गया और वे हृदय में व्याकुल हो गए और (जल लाने के लिए) जाने की तैयारी करने लगे॥14॥
Hearing those words spoken by his mother with love, Bhimasena's heart was filled with compassion. He became distressed in his heart and started preparing himself to go (to fetch water).॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥