Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.149.4: 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि धृतराष्ट्र के पुत्र दुर्योधन ने धृतराष्ट्र की जानकारी से पाण्डुपुत्रों को जला दिया और धृतराष्ट्र ने इसका खंडन नहीं किया।॥4॥ | mahabharat अध्याय 1.149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदिते धृतराष्ट्रस्य धार्तराष्ट्रो न संशय:।
दग्धवान् पाण्डुदायादान् न ह्येनं प्रतिषिद्धवान्॥ ४॥
अनुवाद
'इसमें कोई संदेह नहीं है कि धृतराष्ट्र के पुत्र दुर्योधन ने धृतराष्ट्र की जानकारी से पाण्डुपुत्रों को जला दिया और धृतराष्ट्र ने इसका खंडन नहीं किया।॥4॥
'There is no doubt that Duryodhana, son of Dhritarashtra, burnt the sons of Pandu with the knowledge of Dhritarashtra and Dhritarashtra did not deny it.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥