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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 149: धृतराष्ट्र आदिके द्वारा पाण्डवोंके लिये शोकप्रकाश एवं जलांजलिदान तथा पाण्डवोंका वनमें प्रवेश  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.149.18 
अन्ये पौरजनाश्चैवमन्वशोचन्त पाण्डवान्।
विदुरस्त्वल्पशश्चक्रे शोकं वेद परं हि स:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार, नगर के अन्य नागरिक भी पांडवों के लिए शोक मनाने लगे। विदुरजी ने बहुत कम शोक मनाया क्योंकि उन्हें वास्तविक घटना का ज्ञान था।
 
Similarly, other citizens of the city also started mourning for the Pandavas. Vidurji mourned very little because he was aware of the actual story.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)