श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 147: लाक्षागृहका दाह और पाण्डवोंका सुरंगके रास्ते निकल जाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.147.4 
आयुधागारमादीप्य दग्ध्वा चैव पुरोचनम्।
षट् प्राणिनो निधायेह द्रवामोऽनभिलक्षिता:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
‘हम इस शस्त्र भण्डार में आग लगा दें, पुरोचन को जला दें, इसके अन्दर छह प्राणियों को रख दें और इस प्रकार भाग जाएँ कि हमें कोई देख न सके।’ ॥4॥
 
'Let us set this weapons store on fire, burn the Purochana, keep six creatures inside it and run away in such a way that no one can see us.' ॥ 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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