श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 146: विदुरके भेजे हुए खनकद्वारा लाक्षागृहमें सुरंगका निर्माण  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.146.6 
किंचिच्च विदुरेणोक्तो म्लेच्छवाचासि पाण्डव।
त्वया च तत् तथेत्युक्तमेतद् विश्वासकारणम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
‘पाण्डु नन्दन! विदुर जी ने आपको म्लेच्छ भाषा में कुछ संकेत किया था और आपने ‘तथास्तु’ कहकर उसे स्वीकार कर लिया था। मैं आपको आश्वस्त करने के लिए यह कह रहा हूँ।’॥6॥
 
‘Pandu Nandan! Vidura Ji had indicated something to you in mlechchha language and you had accepted it by saying ‘Tathastu’. I am saying this to assure you.’॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)