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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 146: विदुरके भेजे हुए खनकद्वारा लाक्षागृहमें सुरंगका निर्माण
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श्लोक 5
श्लोक
1.146.5
मात्रा सह प्रदग्धव्या: पाण्डवा: पुरुषर्षभा:।
इति व्यवसितं तस्य धार्तराष्ट्रस्य दुर्मते:॥ ५॥
अनुवाद
'यह मूर्ख दुर्योधन का पुरुषोत्तम पाण्डवों को उनकी माता सहित जला देने का प्रयत्न है। 5॥
'It is the attempt of the foolish Duryodhana to burn the Pandavas, the best of men, along with their mother. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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