श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 146: विदुरके भेजे हुए खनकद्वारा लाक्षागृहमें सुरंगका निर्माण  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.146.15 
सेयमापदनुप्राप्ता क्षत्ता यां दृष्टवान् पुरा।
पुरोचनस्याविदितानस्मांस्त्वं प्रतिमोचय॥ १५॥
 
 
अनुवाद
'जो विपत्ति बहुत पहले विदुरजी को दिख गई थी, वही आज हम पर आ पड़ी है। कृपया हमें इस संकट से इस प्रकार मुक्त करें कि पुरोचन को हमारे विषय में कुछ भी पता न चले।'॥15॥
 
‘The same calamity which had come to Vidurji's notice long ago has come upon us today. Please free us from this crisis in such a way that Purochana does not come to know anything about us.'॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)