Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.144.9: 'तो फिर माद्री के दोनों महापुरुष पाप कैसे कर सकते हैं? धृतराष्ट्र पाण्डवों को उनके पिता से प्राप्त राज्य को सहन नहीं कर रहे हैं॥9॥   |   mahabharat अध्याय 1.144: पाण्डवोंकी वारणावत-यात्रा तथा उनको विदुरका गुप्त उपदेश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 144: पाण्डवोंकी वारणावत-यात्रा तथा उनको विदुरका गुप्त उपदेश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.144.9 
कुत एव महात्मानौ माद्रीपुत्रौ करिष्यत:।
तान् राज्यं पितृत: प्राप्तान् धृतराष्ट्रो न मृष्यते॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'तो फिर माद्री के दोनों महापुरुष पाप कैसे कर सकते हैं? धृतराष्ट्र पाण्डवों को उनके पिता से प्राप्त राज्य को सहन नहीं कर रहे हैं॥9॥
 
'Then how can both the great sons of Madri commit a sin? Dhritarashtra is not tolerating the kingdom that the Pandavas received from their father.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)