Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.144.30: ‘बेटा! विदुरजी ने जो अस्पष्ट बात सबके सामने कही थी, उसे सुनकर तुमने ‘बहुत अच्छा’ कहकर स्वीकार कर लिया था; परंतु हम लोग अभी भी उसे समझ नहीं पा रहे हैं॥30॥ | mahabharat अध्याय 1.144: पाण्डवोंकी वारणावत-यात्रा तथा उनको विदुरका गुप्त उपदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षत्ता यदब्रवीद् वाक्यं जनमध्येऽब्रुवन्निव।
त्वया च स तथेत्युक्तो जानीमो न च तद् वयम्॥ ३०॥
अनुवाद
‘बेटा! विदुरजी ने जो अस्पष्ट बात सबके सामने कही थी, उसे सुनकर तुमने ‘बहुत अच्छा’ कहकर स्वीकार कर लिया था; परंतु हम लोग अभी भी उसे समझ नहीं पा रहे हैं॥30॥
'Son! After listening to the vague thing that Vidur ji had said in front of everyone, you had accepted it saying 'very good'; but we are still not able to understand it.॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥