Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.140.3: बुद्धिमान विदुर ने उन लोगों के हाव-भाव से उनके विचार जान लिए और उनके रूप से ही उन दुष्टों की गुप्त योजना का भी पता लगा लिया ॥3॥ | mahabharat अध्याय 1.140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेषामिङ्गितभावज्ञो विदुरस्तत्त्वदर्शिवान्।
आकारेण च तं मन्त्रं बुबुधे दुष्टचेतसाम्॥ ३॥
अनुवाद
बुद्धिमान विदुर ने उन लोगों के हाव-भाव से उनके विचार जान लिए और उनके रूप से ही उन दुष्टों की गुप्त योजना का भी पता लगा लिया ॥3॥
The wise Vidur understood the thoughts of those people from their gestures and from their appearance he also found out the secret plan of those wicked people. ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥