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mahabharat 1.140.26: 'महाव्रत का पालन करने वाले शान्तपुत्र भीष्म सत्यनिष्ठ हैं। उन्होंने राज्य का पहले ही परित्याग कर दिया है, अतः अब वे उसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 1.140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.140.26 
तथा शांतनवो भीष्म: सत्यसंधो महाव्रत:।
प्रत्याख्याय पुरा राज्यं न स जातु ग्रहीष्यति॥ २६॥
 
 
अनुवाद
'महाव्रत का पालन करने वाले शान्तपुत्र भीष्म सत्यनिष्ठ हैं। उन्होंने राज्य का पहले ही परित्याग कर दिया है, अतः अब वे उसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।॥ 26॥
 
'Shanta's son Bhishma, who follows the great vow, is truthful. He has already rejected the kingdom, so now he will never accept it.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)