Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.140.25: वे कहते हैं, 'जब बुद्धिसम्पन्न महाराज धृतराष्ट्र अंधे होने के कारण पहले राज्य नहीं पा सके, तो अब वे राजा कैसे हो सकते हैं?॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 1.140: पाण्डवोंके प्रति पुरवासियोंका अनुराग देखकर दुर्योधनकी चिन्ता । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रज्ञाचक्षुरचक्षुष्ट्वाद् धृतराष्ट्रो जनेश्वर:।
राज्यं न प्राप्तवान् पूर्वं स कथं नृपतिर्भवेत्॥ २५॥
अनुवाद
वे कहते हैं, 'जब बुद्धिसम्पन्न महाराज धृतराष्ट्र अंधे होने के कारण पहले राज्य नहीं पा सके, तो अब वे राजा कैसे हो सकते हैं?॥ 25॥
He says, 'When Maharaja Dhritarashtra, who had the wisdom, could not get the kingdom earlier due to being blind, then how can he become the king (now)?॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥