श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 139: कणिकका धृतराष्ट्रको कूटनीतिका उपदेश  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  1.139.63 
चार: सुविहित: कार्य आत्मनश्च परस्य वा।
पाषण्डांस्तापसादींश्च परराष्ट्रेषु योजयेत्॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
भली-भाँति जाँच-पड़ताल करके अपने राज्य में तथा शत्रु के राज्य में भी गुप्तचर रखो। शत्रु के राज्य में पाखण्डी वेषधारी अथवा तपस्वी आदि गुप्तचरों को नियुक्त करो ॥ 63॥
 
After thorough investigation, keep spies in your own kingdom as well as in that of the enemy. In the enemy's kingdom, appoint spies who wear hypocritical attire or are ascetics etc. ॥ 63॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)