भूमि पर निश्चल पड़े हिरण के शरीर को देखकर सियार बोला, "आप सबका कल्याण हो। स्नान करके लौट आओ। तब तक मैं इसकी रखवाली करूँगा।" ॥32॥
Seeing the body of the deer lying motionless on the ground, the jackal said, "May you all be blessed. Come back after taking a bath. Till then I will guard it." ॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥