Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.139.26-28h: एक जंगल में एक बहुत ही बुद्धिमान और कुशल सियार अपने चार दोस्तों - एक बाघ, एक चूहा, एक भेड़िया और एक नेवला - के साथ रहता था। एक दिन उन्होंने हिरणों के एक सरदार को देखा जो बहुत ताकतवर था। वे उसे पकड़ नहीं पा रहे थे, इसलिए सबने मिलकर यह निर्णय लिया। 26-27 1/2. | mahabharat अध्याय 1.139: कणिकका धृतराष्ट्रको कूटनीतिका उपदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एक जंगल में एक बहुत ही बुद्धिमान और कुशल सियार अपने चार दोस्तों - एक बाघ, एक चूहा, एक भेड़िया और एक नेवला - के साथ रहता था। एक दिन उन्होंने हिरणों के एक सरदार को देखा जो बहुत ताकतवर था। वे उसे पकड़ नहीं पा रहे थे, इसलिए सबने मिलकर यह निर्णय लिया। 26-27 1/2.
In a forest, a very intelligent and skilled jackal lived with his four friends- a tiger, a mouse, a wolf and a mongoose. One day they saw a leader of the deer who was very strong. They were not able to catch him, so they all together made this decision. 26-27 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥