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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 139: कणिकका धृतराष्ट्रको कूटनीतिका उपदेश
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श्लोक 16
श्लोक
1.139.16
मूलमेवादितश्छिन्द्यात् परपक्षस्य नित्यश:।
तत: सहायांस्तत्पक्षान् सर्वांश्च तदनन्तरम्॥ १६॥
अनुवाद
सर्वप्रथम शत्रु की जड़ को नष्ट करो, तत्पश्चात् उसके सहायकों तथा शत्रु से संबद्ध समस्त लोगों का संहार करो॥16॥
‘First of all, always destroy the enemy's root. After that, kill his helpers and all the people associated with the enemy.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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